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पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में सरकारी सà¥à¤¤à¤° पर पहली बार à¤à¤¸à¤¾ सफल रिसरà¥à¤š हà¥à¤† है, जिसके जरिठपà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा को असà¥à¤¸à¥€ फीसदी तक कम कर दिया गया है। आरà¤à¤¨à¤Ÿà¥€ मेडिकल कॉलेज के à¤à¤¨à¥€à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ विà¤à¤¾à¤— की ओर से à¤à¤®à¤¬à¥€ हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² में पिछले à¤à¤• साल में 60 पà¥à¤°à¤¸à¥‚ताओं का लंबर à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल à¤à¤¨à¤¾à¤²à¥à¤œà¥‡à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ तकनीक से पà¥à¤°à¤¸à¤µ कराया गया।
आरà¤à¤¨à¤Ÿà¥€ में 60 महिलाओं पर रिसरà¥à¤š
इस दौरान अमूमन 10 पà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट तक रहने वाला वेस सà¥à¤•ोर (पà¥à¤°à¤µà¤¸ के दौरान सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ के जरिठदरà¥à¤¦ नापने की इकाई) मातà¥à¤° दो पà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट तक आ गया। डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ और साइंटिसà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देते समय महिला को बीस हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के à¤à¤• साथ टूटने जितना दरà¥à¤¦ होता है। महिलाओं को 57 डेल (दरà¥à¤¦ नापने की इकाई) होने वाले इस दरà¥à¤¦ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की सिरà¥à¤« 45 डेल तक दरà¥à¤¦ सहने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ है। इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दरà¥à¤¦ होने पर पà¥à¤°à¥à¤· की मौत संà¤à¤µ है।
पेनलेस पà¥à¤°à¤¸à¤µ वाला पहला असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤²
à¤à¤¨à¥€à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ और कà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤•ल केयर विà¤à¤¾à¤—ाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· डॉ. इंदिरा कà¥à¤®à¤¾à¤°à¥€ का दावा है कि पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के सरकारी असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ में रूटीन में पेनलेस पà¥à¤°à¤¸à¤µ वाला यह पहला असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² है। सबसे बड़ी बात यह रही कि सà¤à¥€ केस में नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की गई है। इस तकनीक से रोजाना दो से तीन डिलीवरी केस कर रहे हैं।
नई तकनीक पर हो रहा रिसरà¥à¤š
à¤à¤šà¤“डी डॉ. इंदिरा कà¥à¤®à¤¾à¤°à¥€ ने बताया कि अब विà¤à¤¾à¤— डà¥à¤¯à¥‚रल पंकà¥à¤šà¤° à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल नाम की तकनीक पर रिसरà¥à¤š कर रहा है। à¤à¤¸à¥€ तकनीक पर à¤à¤¾à¤°à¤¤ के किसी à¤à¥€ मेडिकल कॉलेज में रिसरà¥à¤š नहीं हो रही है। इसमें डà¥à¤°à¤— को इंजेकà¥à¤Ÿ करने की जरूरत à¤à¥€ नहीं रहेगी। सफलता मिलने पर इसके और à¤à¥€ फायदे सामने आà¤à¤‚गे। विà¤à¤¾à¤— को अब चार लाख रà¥à¤ªà¤ लागत वाली पेशेंट कंटà¥à¤°à¥‹à¤² à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल मशीन का इंतजार है। इसमें डà¥à¤°à¤— की मातà¥à¤°à¤¾ को मरीज खà¥à¤¦ कंटà¥à¤°à¥‹à¤² कर सकेगा।
वरदान साबित हो सकता है यह रिसरà¥à¤š
-कई महिलाà¤à¤‚ मां बनने से सिरà¥à¤« इसलिठइंकार कर देती हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे डरती है कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान सà¥à¤¤à¤°à¥€à¤¯ मेडिकल सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤à¤‚ नहीं मिलेगी।
- सामानà¥à¤¯ डिलीवरी में लेबर पैन शà¥à¤°à¥‚ होने से लेकर डिलीवरी तक करीब 5 घंटे लगते हैं। इस तकनीक के अधिकांश मामलों में पेन से लेकर डिलीवरी तक अधिकतम 4 घंटे से à¤à¥€ कम समय लगता है।
-मातृ शिशॠमृतà¥à¤¯à¥ दर में राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ तीसरे नंबर पर है। हर साल पांच हजार तीन सौ महिलाओं और 63 हजार शिशà¥à¤“ं की मौत पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान हो जाती है। गैर सरकारी आंकड़े इससे à¤à¥€ तीन गà¥à¤¨à¤¾ है।
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